परिचय

डॉ. संतोष गर्ग ‘तोष’
पंचकूला
कवयित्री, लघुकथाकार, बाल उपन्यासकार, कहानीकार)
व्यवसाय:-
मैनेजिंग डायरेक्टर,
एन जी डायग्नोस्टिकस,
सेक्टर-6, पंचकूला (हरियाणा)
(निवास स्थान:- सेक्टर -8, पंचकूला)
19 पुस्तकें प्रकाशित:-
‘ दिल मुट्ठी में’ (काव्य संग्रह) 1995
‘ अपनी-अपनी सोच ’, (लघुकथाएँ) 2001
3.‘ यात्रा गुरू के गाँव की’ (अध्यात्म)2004
‘ मानस मोती’, (अध्यात्म)2004
5 ‘ पंचामृत’ (अध्यात्म) 2006
6.सहस्त्रमानक’ (अध्यात्म) 2007
7. ‘ सूख गए नैनन के आँसू’ (काव्य संग्रह, हरियाणा साहित्य अकादमी सौजन्य से)2010
8.’ दुनिया गोल मटोल’ हरियाणा की स्वर्ण जयंती पर 26 कवयित्रियों की कविताओं का बाल काव्य संकलन ) 2012
‘मनांजलि’ (डायरी के पन्ने) 2014 (हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से प्रकाशित।
‘ संवाद’ (अध्यात्म) 2016
11.‘ नानी, निक्की और कुंभ’ (बाल उपन्यास) 2017
सनातन- वार्ता (अध्यात्म-2018) (हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत कृति*
13 .’कागज़ की नाव’ (बाल काव्य संग्रह)2019
‘ लघुता कुछ कहती है’ *(लघुकथा संग्रह)2020
कोरोना काल कवियों के झरोखे से ( कोरोना के दिनों में भारत के 63 कवियों की रचनाओं का काव्य संकलन + 26 कवियों के कोरोना के दिनों के संस्मरण) 2020.
‘ शब्दों को विश्राम कहाँ’- काव्य संग्रह 2021.
‘हर मन तिरंगा ‘ ( 75 वें अमृत महोत्सव पर 75 कवियों की 75 कविताओं का काव्य संकलन ) 2022
18.’ पिता होते हैं पर्वत से’ (काव्य संकलन) 2023
सार का सार (काव्य संकलन संपादित) 2024

सम्मान व पुरस्कार :
हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला की ओर से श्रेष्ठ महिला रचनाकार पुरस्कार।
हरियाणा राज्य परिवहन की बसों में राज्य तथा राज्य से बाहर जीवन पर्यंत निःशुल्क यात्रा सुविधा (लाइफ टाइम फ्री ट्रैबलिंग)।
जर्मनी में 15 अगस्त 2023 स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय प्रधान कौंसुलेट ऑफ फ्रैंकफर्ट के कर कमलों द्वारा सम्मानित।
दुबई – जनवरी 2024 में भारतीय उच्चायोग दुबई के सभागार में भारतीय प्रधान कौंसुलेट जनरल श्री सतीश कुमार सिवन के कर कमलों द्वारा सम्मानित।
दैनिक भास्कर की ओर से ‘पावरफुल वूमेन आफ हरियाणा अवार्ड- 2022 ‘
*वूमैन एम्पावरमैंटअवार्ड -2017 चंडीगढ़
*लघुकथा स्वर्ण सम्मान- 2017, गुरूग्राम
*महादेवी वर्मा कविता गौरव सम्मान-2019′ सिरसा।
*साहित्य सम्मेलन शताब्दी सम्मान’-2019′ पटना में गोवा की गवर्नर श्रीमती मृदला सिन्हा के करकमलों द्वारा ।
गुरु रविंद्र नाथ टैगोर सम्मान-2020
कोरोना योद्धा सम्मान- 2020

विशेष :-
कोरोना के दिनों में 12-12 घंटे की ड्यूटी क्लीनिक में।
वर्तमान में 👇
*अध्यक्ष:- राष्ट्रीय कवि संगम, ट्राईसिटी चंडीगढ प्रांत।
*उपाध्यक्ष-
अखिल भारतीय साहित्य परिषद, हरियाणा प्रांत।
संस्थापक अध्यक्ष:- मनांजलि मंच चंडीगढ़
शिव मंदिर व शिव मंदिर महिला समिति की 21 वर्ष अध्यक्ष रही।
*प्रभु कृपा से कुल 4 मंदिर स्थापित करवाए।
*यात्राएं: चारों कुंभ, चारों धाम, कन्याकुमारी, गंगासागर, कैलाश मानसरोवर, युरोप, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, दुबई आदि- आदि देश-विदेश।
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ई-मेल : santoshgarg1211@gmail.com

हमारी मान्यताएं
छोटी सी बात
हम सभी के कुछ असूल होते हैं, आदतें होती हैं जैसे कि किसी का झूठा नहीं खाना, किसी के घर का पानी नहीं पीना, किसी को धोखा नहीं देना, दिल नहीं दुखाना आदि- आदि। कई बार हम कह भी देते हैं कि मैं ऐसा कभी नहीं करता, नहीं करूंगा, भूल कर भी नहीं। जान बूझ कर ऐसा
हम करते भी नहीं लेकिन अनजाने में कब क्या हो जाए कुछ नहीं पता। हमारी मान्यताएं कब टूट जाएं नहीं पता।
बहुत सतर्क रहते हुए भी कट्टरता कब सहजता में बदल जाए – नहीं पता, क्योंकि हमारा जो स्वभाव है वह तो सहजता में रहना है। कट्टर हम बनते हैं, या बनाए जाते हैं।
व्यक्ति सहजता में लंबे समय तक रहता है और हठ में, क्रोध में, अशांति में कम समय रह पाता है। कभी हमने स्वयं को देखा है कि पूरा दिन दूसरों पर क्रोध करते रहें, चीखते-चिल्लाते रहें अथवा प्रत्येक बात पर हठ पर अड़े रहें, पूरा दिन दुःखी- दुःखीदुःखी रहें। दुःख के दिनों में भी बहुत जल्द हम सहज होना चाहते हैं।
बात छोटी सी है जिसके लिए मुझे उपरोक्त भूमिका बांधनी पड़ी। वह है कि एक दिन घर में पासपोर्ट सत्यापित करने के लिए आए हुए भाई को मैंने जब जल का गिलास दिया तो प्यासा नहीं होने के कारण भी उसने तुरंत पकड़ा और पी लिया। काम पूरा होने के बाद वह चला गया।
उस समय मुझे भी बहुत ज़ोर की प्यास लगी थी। अक्सर मैं भी अपने पास गिलास भर कर रखती हूं। मैंने देखा, गिलास में थोड़ा सा जल है उठाया और पी लिया… तुरंत ध्यान आया कि इस गिलास में यह दो घूंट पानी तो उस भाई का छोड़ा हुआ था। उसका झूठा पानी मैंने गलती से पी लिया… कुछ नहीं हो सकता था..!!!
रचनाकार:- डॉ. संतोष गर्ग ‘तोष’, पंचकूला

*संक्षिप्त परिचय:-
1988 से अब तक पूरा जीवन तन- मन से समाज, साहित्य, धर्म व राष्ट्र सेवा को समर्पित।
कर्मभूमि 34 वर्ष हिसार हरियाणा रही।
परिवारिक :- 17 वर्ष की आयु में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के संग शादी होने के बाद प्लस टू पास किया व फैशन डिजाइनिंग कोर्स किया। फिर बी ए की पढ़ाई की।
*कम पढ़ी लिखी होने के बावजूद भी दोनों बच्चे एम डी डॉक्टर बने और अब पंचकूला, मोहाली, चंडीगढ़ में बेटी- दामाद, बेटा- बहू चारों डॉ हैं और
65 वर्ष की उम्र में नेचरोपैथी योगा NDDY का कोर्स किया ।
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धार्मिक:- प्रभु कृपा से तीन शिव मंदिरों की हिसार हरियाणा में स्थापना करवाई। सिर्फ बनवाए ही नहीं अभी तक विधिवत सेवा चल रही है।
21 वर्ष वहां अध्यक्ष रहीं।
उन मंदिरों के द्वारा सेवा सत्संग, गौ सेवा, जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई, वृद्ध आश्रम सेवा, पर्यावरण हेतु व वृद्धों की सेवा अनेक कार्य तब से अब तक भी चल रहे हैं। जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थी उन्हें बाहर निकाल कर जागरूक किया। अब वह तन-मन- धन से प्रसन्नता पूर्वक, समर्पित भाव से भारतीय सनातन संस्कृति के अनेक पावन- पर्वों को मनाते हुए सामाजिक सेवा कार्यों में जुटी हुई हैं।
कलायत (कैथल) हरियाणा में भगवान कपिल मुनि धाम तीर्थस्थली मंदिर में श्री बद्री नारायण पंचायतन मंदिर की स्थापना करवाई।

राष्ट्रहित
साहित्यकार्य :- लगभग प्रत्येक विधा पर 20 पुस्तकें प्रकाशित हुई। (सूची आगे है) जिनमें पांच का संपादन भी किया।
बाल काव्य संकलन ‘दुनिया गोल मटोल’ हरियाणा की स्वर्ण जयंती पर बच्चों की सुप्त भावनाओं को जागृत करने हेतु व उनके मन में राष्ट्रभाषा के प्रति प्रेम जगाने के लिए ताकि वह देश के सशक्त नागरिक बन सकें, इस उद्देश्य को लेकर हरियाणा प्रदेश की 27 कवयित्रियों की 93 कविताओं को संकलित करके ‘दुनिया गोल मटोल’ नामक अनूठे बाल काव्य संकलन का संपादन किया।*
जिन में हरियाणा की प्रमुख कवयित्रियाँ डॉक्टर उर्मिकृष्ण, डॉक्टर सुदर्शन रत्नाकर, डॉक्टर शील कौशिक, आशमा कौल, सरोज दहिया, डॉ अनीता भारद्वाज, गुरप्रीत सैनी, शारदा मित्तल, अर्चना कोचर, डॉक्टर सुनैना बंसल, वीणा अग्रवाल, सुनीता कम्बोज, नीरजा शर्मा, सुदेश मोद्गिल नूर, डॉक्टर पद्मा विशिष्ट, दर्शना पाहवा, नीलम त्रिखा, नीरजा शर्मा, आशमा कौल, अनीता जैन, मंजू बिसला, संगीता पुखराज आदि को सम्मिलित ही नहीं किया बल्कि सभी आदरणीया कवयित्रियों को सम्मानित भी किया। इस पुस्तक की भूमिका डॉक्टर घमंडी लाल अग्रवाल वरिष्ठ साहित्यकार गुरुग्राम ने लिखी।
कोरोना के दिनों में दूसरी पुस्तक का संपादन ‘कोरोना काल कवियों *के झरोखे से’ किया। जिसमें अपने लेखन के 20 पन्नों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के 63 श्रेष्ठ कवियों की 90 कविताएं व 26 रचनाकारों के संस्मरण प्रकाशित किए व उन्हें मनांजलि मंच की ओर से सम्मानित भी किया जिसकी वह संस्थापक अध्यक्ष हैं।
इस पुस्तक में हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक आदरणीय डॉ चंद्र त्रिखा ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संतोष गर्ग का समकालीन परिस्थितियों में अपनी रचनाधर्मिता एवं सृजनशीलता बनाए रखने का यह एक विलक्षण प्रयास है।
*’हर मन तिरंगा’ 75 वें अमृत महोत्सव पर राष्ट्र को समर्पित 75 कवियों की 75 कविताओं के काव्य संकलन ‘ हर मन तिरंगा’ का संपादन किया व सभी को सम्मानित किया।
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इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कवि संगम की चंडीगढ़ प्रांत अध्यक्ष होने के नाते दूसरा कार्यक्रम टी एस सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी चंडीगढ़ के सभागार में 6 अगस्त 2022 को, 75 वें अमृत महोत्सव पर 75 अन्य कवियों का काव्य पाठ करवाकर उन 75 को सम्मानित भी किया। बड़े ही अनुशासित ढंग से कवियों को मंच पर विराजमान करवाकर सिर्फ 3:30 घंटे में पूरे राष्ट्र में एक कीर्तिमान स्थापित किया। जिसकी सभी उपस्थित जनों ने भूरि- भूरि प्रशंसा की।
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शेष *1988 से लेकर अब तक कवि गोष्ठियों का आयोजन करके लोगों को साहित्य धर्म से जोड़ा व युवा कवि लेखकों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया व उनके काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुए।
अब पिछले अनेक वर्षों से राष्ट्रीय कवि संगम की चंडीगढ़ की प्रांत अध्यक्ष, अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा की प्रांत उपाध्यक्ष व मनांजलि मंच, पंचकूला की संस्थापक अध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रीय पर्वों पर, साहित्यकारों की जयंतियों पर, पावन रिश्तों पर, प्रकृति व पर्यावरण पर निरंतर मासिक व द्विमासिक संगोष्ठियाँ का आयोजन विधिवत हो रहा है। जिनमें हरियाणा साहित्य अकादमी के बैनर तले सृजन गंगा, पुस्तक समीक्षा व अकादमी निदेशक आदरणीय डाक्टर चंद्र त्रिखा जी के सान्निध्य में हुए कवि सम्मेलन में पधारे बड़े-बड़े कवि डॉ. हरिओम पँवार, अनिल अग्रवंशी, डाक्टर अशोक बत्रा, महेन्द्र शर्मा, दिनेश देवरिया आदि भी शामिल हैं
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राष्ट्रहित:- भारतीय संस्कृति की धरोहर कुंभ मेलों में गुरुदेव जूनापीठाधीश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी के सान्निध्य में पूरे- पूरे कुंभ में कार्यकर्ता के रूप में पूरा समय सेवाएँ देना।
राष्ट्र पर आई विपदाओं के समय (उड़ीसा चक्रवात, बाढ़ आदि) सहायता, आदिवासियों की सहायता हेतु डी सी द्वारा सम्मानित व अनगिनत सेवा कार्य किए।
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अभी इन दिनों कोरोना काल में पुस्तक प्रकाशन के साथ- साथ मार्च 2020 से अब तक लगातार एन जी डायग्नोस्टिकस, पंचकूला में मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

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